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अदरक का छोटा सा टुकड़ा इस तरह प्रयोग करने से ये महा-औषधि बन जाता है, करता है 30 बड़े रोगों का सफ़ाया

आपका फिर से एक बार स्वागत है, आज हम आपको ऐसी महा-औषधि के अद्भुत फ़ायदों के बारे में बताएँगे जो सभी के किचन में पाया जाता है नाम है जिसका अदरक, अदरक में अनेक औषधीय गुण होने के कारण आयुर्वेद में इसे महा औषधि माना गया है। यह गर्म, तीक्ष्ण, भारी, पाक में मधुर, भूख बढ़ाने वाला, पाचक, चरपरा, रुचिकारक, त्रिदोष मुक्त यानी वात, पित्त और कफ नाशक होता है।
वैज्ञानिकों के मतानुसार अदरक की रसायनिक संरचना में 80 प्रतिशत भाग जल होता है, जबकि सोंठ में इसकी मात्रा लगभग 10 प्रतिशत होती है।Image result for अदरक

इसके अलावा स्टार्च 53 प्रतिशत, प्रोटीन 12.4 प्रतिशत, रेशा (फाइबर) 7.2 प्रतिशत, राख 6.6 प्रतिशत, तात्विक तेल (इसेन्शियल ऑइल) 1.8 प्रतिशत तथा औथियोरेजिन मुख्य रूप में पाए जाते हैं।

अदरक को सुखाने पर जो प्राप्त होता है उससे सौंठ कहते है।Image result for अदरक

सोंठ में प्रोटीन, नाइट्रोजन, अमीनो एसिड्स, स्टार्च, ग्लूकोज, सुक्रोस, फ्रूक्टोस, सुगंधित तेल, ओलियोरेसिन, जिंजीवरीन, रैफीनीस, कैल्शियम, विटामिन `बी` और `सी`, प्रोटिथीलिट एन्जाइम्स और लोहा भी मिलते हैं।

प्रोटिथीलिट एन्जाइम के कारण ही सोंठ कफ हटाने व पाचन संस्थान में विशेष गुणकारी सिद्ध हुई है।

अदरक के चमत्कारी 30 अद्भुत फ़ायदे –Image result for अदरक

बालों के रोग : अदरक और प्याज का रस सेंधानमक के साथ मिलाकर गंजे सिर पर मालिश करें, इससे गंजेपन से राहत मिलती है।

हाथ-पैर सुन्न हो जाना – सोंठ और लहसुन की एक-एक गांठ में पानी डालकर पीस लें तथा प्रभावित अंग पर इसका लेप करें।

सुबह खाली पेट जरा-सी सोंठ और लहसुन की दो कली प्रतिदिन 10 दिनों तक चबाएं।Image result for अदरक

नजला, नया जुकाम – सौंठ और गुड़ पानी में डालकर उबाल लें। जब चौथाई रह जाए तब सुहाता-सुहाता छानकर पी जाएं।

गले में ठंडक और खराश होने पर अदरक चूसें अथवा अदरक के छोट-छोटे टुकड़े, अजवायन, दाना मेथी और हल्दी प्रत्येक आधा-आधा चम्मच भरकर एक गिलास पानी में उबालें। जब आधा पानी शेष रह जाए तब स्वादानुसार जरा-सा गुड़ मिलाकर छानकर रात को सोते समय यह काढ़ा पी कर सो जाएं।Image result for अदरक

कब्ज – अदरक का रस 10 मिलीलीटर को थोड़े-से शहद में मिलाकर सुबह पीने से शौच खुलकर आती है। और यदि एक कप पानी में एक चम्मच भर अदरक को कूटकर पानी में 5 मिनट तक उबाल लें। छानकर पीने से कब्ज नहीं रहती है।Image result for अदरक

सफेद दाग – 30 मिलीलीटर अदरक का रस और 15 ग्राम बावची को एक साथ मिलाकर और भिगोकर रख दें। जब अदरक का रस और बावची दोनों सूख जायें तो इन दोनों के बराबर लगभग 45 ग्राम चीनी को मिलाकर पीस लें।

अब इसकी एक चम्मच की फंकी को ठंडे पानी से रोजाना 1 बार खाना खाने के एक घंटे के बाद लें।

सिर का दर्द – अदरक के रस और दूध को बराबर मात्रा में मिलाकर सूंघने से सिर का दर्द दूर हो जाता है। या अदरक का रस, गुड़, सेंधानमक और पीपल को एक साथ घिस लें और पानी के साथ सूंघने से सिर की सभी बीमारियां ठीक हो जाती हैं।Image result for अदरक

मस्सा और तिल – अदरक के एक छोटे से टुकड़े को काटकर छील लें और उसकी नोक बना लें। फिर मस्से पर थोड़ा सा चूना लगाकर अदरक की नोक से धीरे-धीरे घिसने से मस्सा बिना किसी आप्रेशन के कट जायेगा और त्वचा पर कोई निशान भी नहीं पडे़गा। बस शुरू में थोड़ी सी सूजन आयेगी।

गठिया – 10 ग्राम सोंठ 100 मिलीलीटर पानी में उबालकर ठंडा होने पर शहद या शक्कर मिलाकर सेवन करने से गठिया रोग दूर हो जाता है।

जोड़ों का दर्द – अदरक के एक किलोग्राम रस में 500 मिलीलीटर तिल का तेल डालकर आग पर पकाना चाहिए, जब रस जलकर तेल मात्र रह जाये, तब उतारकर छान लेना चाहिए। इस तेल की शरीर पर मालिश करने से जोड़ों की पीड़ा मिटती है।Image result for अदरक

दमा – लगभग एक ग्राम अदरक के रस को एक ग्राम पानी से सुबह-शाम लेने से दमा और श्वास रोग ठीक हो जाते हैं।

हृदय रोग – अदरक का रस तथा शहद, दोनों को मिलाकर नित्य उंगली से धीरे-धीरे चाटें। दोनों की मात्रा आधा-आधा चम्मच होनी चाहिए। इससे हृदय रोग में लाभ मिलता है।Image result for अदरक

बवासीर – अदरक 500 ग्राम और पीपल 250 ग्राम को मिलाकर पेस्ट बनाकर इसे 500 ग्राम घी में पकायें। कालीमिर्च, चाव-चितावर, नाग केसर, पीपलामूल, इलायची, अजमोद, कालाजीरा और हर्रे।

सब थोड़े-थोड़े से बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनायें। अदरक और पीपल से बने पेस्ट को इस चूर्ण के साथ मिलाकर इसमें 1 किलो गुड़ की चासनी बनाकर डालें।Image result for अदरक

गुड़ और बाकी पेस्ट से बने गाढ़े चासनी को 60 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से पाक बवासीर, कामला, अरुचि और मंदाग्नि बवासीर ठीक होता है।

एलर्जी : अदरक के रस में थोड़ा-सा जीरा तथा पुराना गुड़ मिलाकर सेवन करने से एलर्जी के रोग में लाभ होता है।

जुकाम – 10 ग्राम अदरक को 10 ग्राम गुड़ के साथ मिलाकर थोड़ा सा गर्म करके रोजाना रात को सोते समय खाने से बार-बार जुकाम होने का रोग ठीक हो जाता है। इसको खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए।

पेट के सभी प्रकार के रोग – पिसी हुई सोंठ एक ग्राम, जरा-सा हींग और सेंधानमक को पीसकर चूर्ण बनाकर गर्म पानी के साथ फंकी के रूप में सेवन करने से पेट के दर्द में लाभ होता है।

हाजमे की खराबी – अदरक का रस आधा चम्मच, सेंधानमक 1 चुटकी और नींबू का आधा चम्मच रस को मिलाकर सुबह और शाम खाना खाने के बाद सेवन करने से हाजमे की खराबी में लाभ होता है।Image result for अदरक

बहरापन – अदरक का रस हल्का गर्म करके बूंद-बूंद कान में डालने से बहरापन नष्ट होता है।

कान का दर्द – कान में मैल जमने के कारण, सर्दी लगने के कारण, फुंसियां निकलने के कारण या चोट लगने के कारण कान में दर्द हो रहा हो तो अदरक के रस को कपड़े में छानकर हल्का सा गर्म करके 3-4 बूंदें कान में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है। अगर पहली बार डालने से दर्द नहीं जाता तो इसे दुबारा डाल सकते हैं।Image result for अदरक

कान में आवाज होना – लगभग 6 मिलीलीटर अदरक का रस, 3 ग्राम शहद, लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग सेंधानमक और 3 ग्राम तिल के तेल को एक साथ मिलाकर रोजाना 2-3 बूंदे कान में डालने से कान का दर्द, कानों में अजीब सी आवाजे सुनाई देना और कानों से सुनाई न देना (बहरापन) आदि रोग दूर हो जाते हैं।

कमर दर्द – 10 मिलीलीटर अदरक के रस में 5 ग्राम घी मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कमर दर्द में लाभ करता है।Image result for अदरक

मासिक-धर्म की अनियमितता – अजवायन का चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में गर्म दूध के साथ सेवन करने से रुका हुआ मासिक धर्म नियमित रूप से आना शुरू हो जाता है।

गुर्दे के रोग – अदरक का रस 10 मिलीलीटर में हींग भूनी लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग पीसकर नमक मिलाकर पीयें।

दस्त : रात को सोने से पहले अदरक को पानी में डाल दें, सुबह इसे निकालकर साफ पानी के साथ पीसकर घोल बनाकर 1 दिन में 3 से 4 बार पीने से अतिसार (दस्त) समाप्त हो जाता है।Image result for अदरक

मसूढ़ों से खून आना – मसूढ़े में सूजन हो या मसूढ़ों से खून निकल रहा हो तो अदरक का रस निकालकर इसमें नमक मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम मसूढ़ों पर मलें। इससे खून का निकलना बंद हो जाता है।Image result for अदरक

निमोनिया – एक-एक चम्मच अदरक और तुलसी का रस शहद के साथ देने ये निमोनिया का रोग दूर होता है।

गैस का बनना – अदरक 3 ग्राम, 10 ग्राम पिसा हुआ गुड़ के साथ सेवन करने से अफारा या पेट की गैस को समाप्त करता है।Image result for अदरक

सर्दी, जुकाम और खांसी – अदरक की चाय जुखाम, खांसी, और सर्दी के दिनों में बहुत लाभप्रद है।

तीन ग्राम अदरक और 10 ग्राम गुड़ दोनों को पाव भर पानी में उबालें, 50 मिलीलीटर शेष रह जाने पर छान लें और थोड़ा गर्म-गर्म ही पीकर कंबल ओढ़कर सो जायें।

आधे सिर का दर्द, गर्दन का दर्द, मांसपेशियों का दर्द – यदि उपरोक्त कष्ट अपच, पेट की गड़बड़ी से उत्पन्न हुए हो तो सोंठ को पीसकर उसमें थोड़ा-सा पानी डालकर लुग्दी बनाकर तथा हल्का-सा गर्म करके पीड़ित स्थान पर लेप करें।Image result for अदरक

इस प्रयोग से आरम्भ में हल्की-सी जलन प्रतीत होती है, बाद में शाघ्र ही ठीक हो जाएगा। यदि जुकाम से सिरदर्द हो तो सोंठ को गर्म पानी में पीसकर लेप करें। पिसी हुई सौंठ को सूंघने से छीके आकर भी सिरदर्द दूर हो जाता है।

हिचकी – अदरक के बारीक टुकड़े को चूसने से हिचकी जल्द बंद हो Image result for अदरकजाती है।

घी या पानी में सेंधानमक पीसकर मिलाकर सूंघने से हिचकी बंद हो जाती है।

पेट दर्द – अदरक के रस में नींबू का रस मिलाकर उस पर कालीमिर्च का पिसा हुआ चूर्ण डालकर चाटने से पेट के दर्द में आराम मिलता है।Image result for अदरक

किन्हे अदरक का सेवन करने से परहेज़ करना चाहिए –
अदरक की प्रकृति गर्म होने के कारण जिन व्यक्तियों को ग्रीष्म ऋतु में गर्म प्रकृति का भोजन न पचता हो, कुष्ठ, पीलिया, रक्तपित्त, घाव, ज्वर, शरीर से रक्तस्राव की स्थिति, मूत्रकृच्छ, जलन जैसी बीमारियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।Image result for अदरक

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