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इस फल के बीजो को बकरी के दूध में मिलाकर लगाने से गंजो के सिर पर बाल उग जाते है, बहुत ही अद्भुत प्रभावी उपाय है आजमाएँ जरूर

शरीफा के फल, पत्तो और बीजो का चमत्कार :

आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे फल के बारे में जिसके सेवन से आपको बालों से जुड़े सभी रोगों को सदा के लिए छुटकारा मिल जायेगा साथ ही साथ आगे भविष्य में भी बालों से जुड़े रोग जैसे की सफ़ेद होना, झड़ना, गंजापन आपको सता नही पाएंगे। इसके लिए बस आपको इस फल का सेवन करना है।Image result for शरीफा के फल

सीताफल (शरीफा) एक बड़ा ही स्वादिष्ट फल है लेकिन लोग इसके बारे में थोड़ा कम जानकारी रखते हैं।

सीताफल अगस्त से नवम्बर के आस-पास अर्थात् आश्विन से माघ मास के बीच आने वाला फल है।

अगर आयुर्वेद की बात माने तो सीताफल शरीर को शीतलता पहुंचाता है।

यह पित्तशामक, तृषाशामक, उलटी बंद करने वाला,पौष्टिक,तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवंरक्तवर्धक,बलवर्धक, वातदोषशामक एवं हृदय के लिए बहुत ही लाभदायी होता है।Image result for शरीफा के फल

सीताफल को भगवन राम एवं माता सीता से जोड़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास के समय जो वन फल राम को भेंट किया, उसी का नाम सीताफल पड़ा। अगर आप दिन में एक सीताफल का सेवन करते हैं, तो आपको अनेको बीमारियों से निजात मिलेगा।

➡ आइये जानते हैं सीताफल खाने से हम किन-किन बीमारियों से निजात पा सकते हैं :

सीताफल का कच्चा फल खाना अतिसार और पेचिश में उपयोगी है। यह शरीर के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फल है।

जब फल कच्चा हो तब उसे काट कर सुखा दें और पीस कर रोगी को खिलाएं। इससे डायरिया की समस्या सही हो जाएगी।Image result for शरीफा के फल

सीताफल सिर्फ फल नहीं, दवा भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग शरीर से दुबले पतले होते हैं उन्हें सीताफल खाना चाहिए। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता तो दूर होती ही है साथ ही मैनपावर भी बढता है।

सीताफल शरीर की दुर्बलता, थकान, मांस-पेशियां क्षीण होने की दशा में सीताफल का खाना लाभकारी होता है।

सीताफल एक मीठा फल है।Image result for शरीफा के फल

इसमें काफी मात्रा में कैलोरी होती है। यह आसानी से पचने वाला और अल्सर व एसिडिटी में लाभकारी होता है।

इसमें आयरन और विटामिन- सी की मात्रा अच्छी होती है।

इसके अलावा सीताफल कई रोगों में रामबाण की तरह काम करता है।

सीताफल के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं।

सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीस कर बालों में लगाने से सिर के उड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं।Image result for शरीफा के फल

इसमे खूब सारा विटामिन ए होता है, जो कि हमारे बालों, आंखों और त्वचा के लिये बहुत ही फायदेमंद होता है।

सीताफल के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती हैं।

इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है।

शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं।Image result for शरीफा के फल

सीताफल खाने से इसके गूदे से बने शरबत को पीने से शरीर की जलन को ठीक करता है।

वे लोग जिनका शरीर हर वक्त जलता रहता है और गर्म रहता है, उन्हें नियमित रूप से सीताफल का सेवन करना चाहिये।

इसमें घुलनशील रेशे होते हैं, जो कि पाचक्रिया के लिये बेहतरीन होते हैं।

सीताफल के बीजों को महीन चूर्ण बनाकर पानी से लेप तैयार कर रात को सिर में लगाएं एवं सबेरे धो लें।

दो तीन रात ऐसा करने से जुएं समाप्त हो जाती हैं।

चूंकि बीज से निकलने वाला तेल विषला होता है, इसलिए बालों में इसका लेप लगाते समय आंख को बचाकर रखना चाहिये।

शरीफा में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार होता है।

यह त्वचा पर आने वाले एजिंग के निशानों से भी बचाता है।Image result for शरीफा के फल

सीताफल घबराहट को दूर करता है। हार्ट बीट को सही करता है। इसकी एक बड़ी किस्म और होती है, जिसे रामफल कहते हैं।

जिनका हृदय कमजोर हो, हृदय का स्पंदन खूब ज्यादा हो, घबराहट होती हो, उच्च रक्तचाप हो ऐसे रोगियों के लिए भी सीताफल का सेवन लाभप्रद है।

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