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क्या आपको पता है चेक के नीचे लिखे इन नंबरों का मतलब? जानिये क्यों लिखे जाते हैं ये नंबर

आज के समय में आप पलक झपकते ही किसी को भी पैसे भेज सकते हैं. पहले के ज़माने में यह मुमकिन नहीं था. उस समय लोगों को पैसे खाते में ट्रांसफर करने के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. पैसे भेजने के लिए मनीआर्डर करना पड़ता था जिसे पहुंचने में 5 से 10 दिन लग जाते थे. लेकिन बदलते दौर की इस आधुनिक दुनिया में अब ऐसा नहीं है. आज के ज़माने में कोई भी काम चुटकी में हो जाता है. बैंकिंग से जुड़े अब अनेकों ऐसे एप्लीकेशन मौजूद हैं जिसे डाउनलोड करने भर से आप घर बैठे-बैठे खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं. इन ऐपों में बस बैंक से संबंधित कुछ जानकारी जैसे अकाउंट नंबर और IFSC कोड डालने की ज़रुरत है. स्टेप्स को फॉलो करने पर मात्र 2 मिनट के अंदर आप किसी को भी पैसा भेज सकते हैं.

लेकिन आपने देखा होगा कि कई बार यह सुविधा मौके पर मौजूद न होने की वजह से लोग चेक का भी इस्तेमाल करते हैं. अधिकतर बड़ी राशि की पेमेंट के लिए चेक का ही इस्तेमाल किया जाता है. पर चेक को लेकर आज भी कई सारे लोग दुविधा में रहते हैं. उन्हें समझ नहीं आता कि चेक नंबर कहां डालना है, पैसे कहां भरने हैं आदि.

आपने कभी देखा होगी कि चेक के नीचे कुछ नंबर लिखे हुए होते हैं. लेकिन शायद ही कभी इन नंबरों के बारे में जानने की कोशिश की होगी. बहुत सारे लोगों को नहीं पता होगा कि आखिर चेक के नीचे यह नंबर क्यों लिखे होते हैं. इन नंबरों की संख्या 23 होती है. आज हम आपको बताएंगे कि चेक के नीचे लिखे हुए 23 अंकों के नंबर का मतलब क्या होता है.

चेक नंबर

बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि चेक के नीचे लिखे नंबर में पहले 6 नंबर ‘चेक नंबर’ होते हैं. किसी भी चेक के रिकॉर्ड को देखने के लिए इस नंबर की बहुत अहमियत होती है.

 

MICR कोड

6 नंबर के बाद अगले 9 नंबरों को ‘MICR कोड’ यानी कि Magnetic Ink Corrector Recognition कहा जाता है. इस कोड से आप पता लगा सकते हैं कि चेक किस बैंक से जारी हुआ है. इन अंकों को चेक रीडिंग मशीन पढ़ती है जिसको तीन भागों में बांटा गया है.

MICR कोड के पहले 3 नंबर आपके राज्य का कोड बताते हैं. इन अंकों से आपके शहर का पता लगाया जा सकता है. इसके बाद के अगले 3 अंक यूनिक कोड होते हैं. सभी बैंकों का अपना-अपना यूनिक कोड होता है. आखिरी 3 अंक बैंक की शाखा को दर्शाते हैं. बैंक के ब्रांच कोड के बिना ट्रांजेक्शन नहीं हो सकता.

अकाउंट नंबर

चेक नंबर और MICR कोड के बाद अगले 6 अंक आपके अकाउंट नंबर को बताते हैं. यानी पहला 6 अंक चेक नंबर होगा फिर 9 अंकों का MICR कोड और उसके बाद अगले 6 अंक अकाउंट नंबर.

ट्रांजेक्शन ID

फिर सबसे आखिरी के 2 अंकों को ट्रांजेक्शन ID कहा जाता है. आखिरी के ये 2 अंक आपके खाते नंबर को दर्शाते हैं. यदि आपका चेक लोकल है तो उसमें 9, 10, 11 लिखा हुआ होगा और एट पार है तो 29, 30, 31.

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