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रोज सुबह खाली पेट 2 बादाम खाने से जड़ से खत्म हो जाते है यह 50 रोग

बादाम के पेड़ पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक पाये जाते हैं। इसके तने मोटे होते हैं। इसके पत्ते लम्बे, चौडे़ और मुलायम होते हैं। इसके फल के अंदर की मींगी को बादाम कहते हैं। बादाम के पेड़ एशिया में ईरान, ईराक, सउदी अरब, आदि देशों में अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। हमारे देश में जम्मू कश्मीर में इसके पेड़ पाये जाते हैं। इसका पेड़ बहुत बड़ा होता है। बादाम की दो जातियां होती हैं एक कड़वी तथा दूसरी मीठी। बादाम पौष्टिक होती है। बादाम का तेल भी निकाला जाता है। कड़वी बादाम हमें उपयोग में नहीं लानी चाहिए क्योंकि यह शरीर के लिए हानिकारक होती है।Image result for बादाम
बादाम में भरपूर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन और वसा मौजूद होती है| जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है| बादाम के रोजाना सेवन से हमारे शरीर के कई जरुरी तत्वों की पूर्ति होती है| यह सिर्फ एक मेवा नहीं है| इसके खाने के अनेक फायदे है| लेकिन आज हम आपको रोजाना बादाम के सेवन से होने वाले फायदे बताने जा रहे है|Related image

बादाम से ये 50 रोग दूर रहते है :

सिर का दर्द : बादाम और केसर को गाय के घी में मिलाकर सिर में लगाना चाहिए या तीन दिन तक बादाम की खीर खानी चाहिए अथवा बादाम और घी को दूध में मिलाकर सिर में लगाना चाहिए। इससे सिर का दर्द कुछ ही समय में ठीक हो जाता है। या बादाम और कपूर को दूध में पीसकर मस्तक पर उसका लेप करने से मस्तक का दर्द और सिर दर्द मिट जाता है। मस्तिष्क पर बादाम के तेल की मालिश करने से लाभ होता है। या 10 ग्राम बादाम की गिरी, 1 ग्राम कपूर, 1 ग्राम केसर, मिश्री और गाय के घी को मिलाकर हल्की आग पर पकायें और केवल घी बाकी रहने पर इसे छानकर शीशी में भर कर रख लें इसको रोगी को देने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है। या बादाम रोगन की सिर पर मालिश करने से सिर दर्द दूर हो जाता है। या बादाम की एक गिरी को सरसों के तेल में पीसकर मलने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।Image result for बादाम 10 गिरी बादाम की, 6 ग्राम ब्राह्मी बूटी और 7 साबुत कालीमिर्च को रात को सोते समय भिगो दें और सुबह इनका छिलका उतार कर पीसकर ठंडाई बना लें और इसमें मिश्री मिलाकर 40 दिन तक लगातार पीने से किसी भी प्रकार का सिर का दर्द हो वह दूर हो जाता है। या सिर में तेज दर्द होने पर बादाम के तेल की मालिश करने से सिर का दर्द दूर हो जाता है। बादाम के बीजों को सिरके के साथ पीसकर इसको गाढ़े पदार्थ के रूप में बना लें और जहां सिर में दर्द हो वहां पर इसे लगाने से सिर का दर्द, साइटिका और नशे का चढ़ना दूर हो जाता है। या 10 गिरी बादाम की, 6 ग्राम ब्राह्मी बूटी और 7 साबुत कालीमिर्च को रात को सोते समय भिगो दें और सुबह इनका छिलका उतार कर पीसकर ठंडाई बना लें और इसमें मिश्री मिलाकर 40 दिन तक लगातार पीने से किसी भी प्रकार का सिर का दर्द हो वह दूर हो जाता है। या सिर में तेज दर्द होने पर बादाम के तेल की मालिश करने से सिर का दर्द दूर हो जाता है। बादाम के बीजों को सिरके के साथ पीसकर इसको गाढ़े पदार्थ के रूप में बना लें और जहां सिर में दर्द हो वहां पर इसे लगाने से सिर का दर्द, साइटिका और नशे का चढ़ना दूर हो जाता है।Image result for बादाम
शक्ति वृद्धि के लिए : 15 ग्राम गाय के घी में 10 ग्राम मक्खन या ताजा खोवा, बादाम, चीनी, कंकोल, शहद और इलायची मिलाकर 7 दिन तक लेना चाहिए।
बादाम की खीर : बादाम को रात के समय गर्म पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के समय इसके छिलके निकालकर बारीक पीसकर दूध में मिला दें। फिर उसे उबालकर खीर बनाएं इस खीर को ज्यादा न उबालें, अन्यथा पाचक द्रव्य नष्ट हो जाते हैं। यह बादाम की खीर पाचक और उत्तेजक होती है। दिमाग की कमजोरी, दिमाग का दर्द और सिर के दर्द में यह खीर लाभकारी होती है। बादाम के खीर के सेवन की मात्रा 20 से 40 ग्राम तक है।Image result for बादाम
बादाम के लड्डू : 400 ग्राम बादाम की गरी, 100 ग्राम मावा, 600 ग्राम चीनी, 200 ग्राम घी, 40 ग्राम बिहीदाना, 20 ग्राम कमलगट्टे के बीज की गिरी, 10-10 ग्राम छोटी इलायची के दाने, दालचीनी, तमालपत्र, और 5-5 ग्राम नागकेशर, लौंग, बांस, कपूर, जायफल, जावित्री, और केसर लेते हैं। बादाम 1 घंटे तक गर्म पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद बादाम के छिलके निकालकर बारीक पीस लेते हैं। पीसे हुए बादाम और मावा को अलग-अलग घी में सेंके। शक्कर की चासनी बनाकर उसमें उपरोक्त चीजों का चूर्ण मिलाएं फिर उसमें बादाम और मावा मिलाकर 40-40 ग्राम के लड्डू बना लेते हैं। रोजाना 1-1 लड्डू खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। इस प्रयोग से बुखार के बाद की कमजोरी दूर हो जाती है। सर्दी के मौसम में यह लड्डू बहुत ही लाभकारी होता है।Image result for बादाम
बादाम का हरीरा : बादाम का हरीरा दिमागी ताकत को बढ़ाता है और चेहरे पर चमक लाता है। सामग्री : बादाम की गिरी, पिस्ता, चिलगोजा की गिरी, अखरोट की गिरी सफेद 10-10 ग्राम। 20 ग्राम खसखस, 20 ग्राम सूखा निशास्ता, 100 ग्राम मिश्री। बनाने की विधि : खसखस और बादाम की गिरी को रात भर पानी में भिगोए रखें। सुबह बादाम की गिरी को छीलकर रखें तथा खसखस को पीसकर 400 मिलीलीटर पानी में भिगो देते हैं। बादाम की गिरी को बारीक पीस लेते हैं। अब खसखस का घोल, पिसी हुई मिश्री तथा बाकी बची हुई चीजों को मिलाकर हल्की आग पर गर्म करते हैं। घोल के रूप में हरीरा तैयार हो जाएगा। सेवन विधि : आयु, पाचन शक्ति और शारीरिक शक्ति का ध्यान रखते हुए इसका सेवन करना चाहिए। सर्दी के मौसम में रोजाना बादाम हरीरा का सेवन करते रहने से दिमाग को बहुत ताकत मिलता है। चेहरे का रूखापन दूर होकर लालिमा होती है। सिर में चक्कर आने की शिकायत मिटती है। बादाम मंहगे होने की वजह से यह योग खर्चीला होता है लेकिन यह बहुत अधिक लाभकारी होता है।Related image
बादाम का हलुवा : 400 ग्राम देशी खांड या चीनी की चाशनी में रात को भिगोकर सुबह छीले हुए 10 बादाम को पीसकर चाशनी में मिलाकर हिलाते रहें। जब यह खूब मिल जाएं, तब घी डालकर पकाएं। बाद में छोटी इलायची के दाने पीसकर तथा चांदी का वर्क भी डालें। यह हलुवा शक्ति के अनुसार सेवन करने से बलवीर्य की खूब वृद्धि होती है तथा शरीर में तेज पैदा होता है।
मर्दाना ताक़त का योग : असगंध, बड़े गोखरू, सालेमंपजा, सफेद मूसली, विदारीकंद, अकरकरा, शतावरी को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लेते हैं। इस चूर्ण को 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम मिश्री मिले हुए गर्म दूध के साथ लेते रहने पर सम्बंध बनाने की अंतर आत्मा जागृत होती है और शक्ति में वृद्धि होती है। इस योग को सेब के रस के साथ मिलाकर 1 कप की मात्रा में रोजाना लेते रहने से पौरुष शक्ति की वृद्धि होने लगती है ।Image result for बादाम
मस्तिष्क को शीतलता (ठंडक) प्रदान करने के लिए : बादाम को छीलकर आग पर सेंककर चीनी के साथ खाना चाहिए। इसके एक घन्टे के बाद मक्खन और चीनी खानी चाहिए। इसके बाद दिन में तीन बार बादाम का तेल सिर में लगाने से दिमाग मे ठंडक पैदा होती है।Image result for बादाम
शक्ति के लिए : 750 ग्राम बादाम, 250 ग्राम खोवा, डेढ़ किलो चीनी, 5-5 ग्राम जायफल और जावित्री, 5 ग्राम केसर, 5 ग्राम वंशलोचन, 5 ग्राम कमलाक्ष, 10 ग्राम इलायची, 10 ग्राम दालचीनी, 1 किलो तेजपात, 10 ग्राम नागकेसर, 45 ग्राम बिहीदाना और 3 ग्राम लौंग को लेकर एकसाथ बारीक पीस लेते हैं। इसके बाद बादाम और खोये को घी में भून लेते हैं। इसके पश्चात चीनी की चाशनी में सभी औषधियों को डालकर पका लेते हैं। इसको खाने से शक्ति की वृद्धि होती है। शरीर शक्तिशाली और मजबूत होता है। वायु रोग दूर होता है। बुखार खत्म होने के बाद जो कमजोरी शरीर में आती है उस समय इसको खाने से बहुत अधिक आराम मिलता है।Image result for बादाम
पेशाब में जलन : बादाम की 5 गिरी को पानी में भिगो दें। इसके बाद छीलकर इनमें 7 छोटी इलायची और स्वाद के अनुसार मिश्री मिलाकर तथा पीसकर 1 गिलास पानी में घोलकर सुबह-शाम दिन में दो बार पीने पेशाब की जलन में लाभ मिलता है।Related image
मासिक-धर्म सम्बंधी विकार : 1 बादाम और छुहारा रात के समय पानी में भिगो दें। सुबह के समय दोनों को पीसकर मक्खन और मिश्री के साथ 3 महीने तक सेवन करने से मासिक-धर्म खुलकर आने लगता है।
स्मरणशक्तिवर्द्धक : 10 ग्राम बादाम को पानी को रात को भिगो दें और सुबह इसका छिलका उतारकर 12 ग्राम मक्खन और मिश्री मिलाकर 1-2 माह तक लगातार खाते रहने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है। यदि यह सम्भव न हो तो 40 दिनों तक 7 बादाम, 10 ग्राम मिश्री और सौंफ को पीसकर रात के सोते समय गर्म दूध के साथ पीने से दिमाग की कमजोरी दूर हो जाती है तथा आंखों की रोशनी बढ़ जाती है। यदि यह प्रयोग भी सम्भव न हो तो 10 ग्राम बादाम को बारीक पीसकर आधा किलो दूध में मिलाएं। जब दूध में 3 बार उबाल आ जाए तो इसे उतारकर, ठंडा करके चीनी मिलाकर पीना चाहिए। बादाम की गिरी और सौंफ समान मात्रा में बारीक पीस लेते हैं। इसे एक चम्मच रात को सोते समय लेते हैं। इस प्रयोग से भी दिमाग की ताकत भी बढ़ती है इससे सिर दर्द और शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है।Image result for बादाम
आंखों के सभी प्रकार के रोग : आंखों से पानी गिरना, आंखें आना, आंखों की दुर्बलता, आंखों का थकना आदि रोगों में बादाम को भिगोकर सुबह के समय पीसकर पानी मिलाकर पी जाएं तथा ऊपर से दूध पीने से लाभ होता है।Image result for बादाम
चेचक : 5 बादाम को पानी में सुबह के समय पीने से चेचक के दाने शीघ्र भर जाते हैं एवं जल्दी ठीक भी हो जाते हैं।
मर्दाना ताक़त : 500 ग्राम मुलहठी, 200 ग्राम आंवला चूर्ण, 200 ग्राम शुद्ध कौंच के बीज का चूर्ण, 200 ग्राम इमली के बीज की गिरी, 50 ग्राम छोटी पीपल को लेकर एकसाथ पीसकर एक जगह मिलाकर रख लेते हैं। 25 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम इसको लेकर मिश्री मिले हुए दूध के साथ खाते रहने से पुरुषों में अपूर्व पौरुष शक्ति बढ़ती है। इस प्रयोग के आधे घंटे बाद 1 गिलास सेब का जूस पीना लाभकारी होता है।Image result for बादाम
पीलिया : 6 बादाम, 3 छोटी इलायची और 20 छुहारे लेकर रात के समय मिट्टी के कुल्हड़ में भिगो दें तथा सुबह के समय इन सबको बारीक पीसकर इसमें 70 ग्राम मिश्री, 50 ग्राम मक्खन मिलाकर चाटने से पीलिया के रोग में लाभ मिलता है। इस प्रयोग के करने से तीसरे दिन ही पेशाब साफ आने लग जाएगा।Image result for बादाम
झांइयां, दाग-धब्बे : 5 बादाम की गिरी को रात को पानी में भिगों दें, सुबह इनका छिलका उतारकर बहुत बारीक पीसकर शीशी में भरकर रख दें। फिर इसमें 60 ग्राम गुलाबजल, 15 बूंद चन्दन का इत्र (परफ्यूम) मिलाकर हिलाएं। चेहरे या बदन पर जहां कहीं भी काले धब्बे, झांइयां हों वहां इसे रोजाना दिन में 3 बार लगाना चाहिए। जहां गहरा धब्बा हो वहां इसे अधिक मात्रा में लगा देते हैं। इस प्रयोग से झाइयों और दाग-धब्बों में लाभ मिलता है।
मोटापा बढ़ाना : 12 बादाम की गिरी को रात को पानी में भिगो दें। सुबह उठने पर इनका छिलका उतारकर पीस लें, फिर इसमें एक ग्राम मक्खन और थोड़ी सी चीनी मिलाकर डबल रोटी के साथ खाएं ऊपर से 250 मिलीलीटर दूध पी लें। इस प्रयोग को लगातार 6 महीने तक करने से मोटापा बढ़ता है। इससे शारीरिक शक्ति भी बढ़ती है और दिमाग भी तेज होता है।Related image
सूखी खांसी : बादाम खाने से गला तर रहता है तथा खांसी में लाभ होता है। बार-बार खांसी उठती है, लेकिन कफ बाहर नहीं आता हो तो 5 बादाम को भिगो दें। फिर उन्हें छीलकर उतनी ही मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दिन में 2 बार चांटे। इससे सूखी खांसी में लाभ मिलता है। सूखी खांसी में बादाम को मुंह में रखकर चूसने से गला तर रहता है और सूखी खांसी ठीक हो जाती है।
हकलाना, तुतलाना : रोजाना रात को 12 बादाम भिगोकर फिर छीलकर और पीसकर 25 ग्राम मक्खन मिलाकर कुछ महीने तक लगातार सेवन करने से हकलाना व तुतलाना ठीक हो जाता है।Image result for बादाम साथ ही रोगी को धीरे-धीरे बोलने तथा बिना घबराहट के बोलने की कोशिश भी करनी चाहिए। बादाम की 10 गिरी और कालीमिर्च को लेकर बहुत बारीक पीसकर मिलाकर चाटना भी तुतलाने व हकलाने में लाभकारी होता है। रोजाना 10 से 12 बादाम पानी में भिगोकर रख दें। बादाम के फूल जाने पर छिलका उतारकर इसकी गिरी को पीस लें और इसकी 25 से 30 ग्राम मात्रा को मक्खन में मिलाकर खायें। कुछ महीनों तक इसका सेवन करने से तुतलापन ठीक हो जाता है।Image result for बादाम
पोरुष शक्ति : 12 बादामों की गिरियां रात के समय पानी में भिगो दें और उसे सुबह के समय पीस लें। इसके बाद कलाई वाली पीतल की कड़ाही में घी डालकर उसमें पीसे हुए बादामों को डालकर सेंके। लाल होने पर इसमें लगभग 125 मिलीलीटर दूध डालें। इस दूध को गर्म-गर्म पीने से शरीर मजबूत होता है पोरुष शक्ति बढ़ती है और कमजोरी भी दूर होती है।Image result for बादाम
दांत खट्टे होना अथवा होंठों का फटना : दांत खट्टे होना अथवा होंठों के फटने पर 5 बादाम को खाने से लाभ मिलता है।
दांतों का दर्द : 40 ग्राम बादाम के छिलके, 20 ग्राम कालीमिर्च, 20 ग्राम फिटकरी, 20 ग्राम रुमीमस्तांगी तथा काजू को एकसाथ मिलाकर बारीक पीसकर मंजन बना लें। यह मंजन रोजाना करने से दांतों से खून का निकलना बंद हो जाता है और दांतों का हिलना भी बंद हो जाता है।v
दांत साफ और चमकदार करना : बादाम का छिलका जलाकर किसी बर्तन से ढक दें। दूसरे दिन इसकी राख को पांच गुना फिटकरी के साथ मिलाकर बारीक पीसकर मंजन बना लें। इससे रोजाना मंजन करने से दांत साफ, चमकदार तथा मजबूत बनते हैं। बादाम के छिलके को जला लें तथा इसकी राख को सैंधानमक के साथ मिलाकर बारीक पीसकर मंजन बना लें। यह मंजन रोजाना करने से दांत साफ और मजबूत होते हैं।
खांसी : 5 बादाम की गिरी, 20 दाने कालीमिर्च, 4 लौंग और आधा चम्मच सोंठ को लेकर पानी में डालकर काढ़ा बनाकर पीने से खांसी के रोग में लाभ मिलता है।Image result for बादाम
कब्ज : 15 ग्राम बादाम के तेल को निकालकर 1 गिलास दूध में मिलाकर कुछ दिनों तक लगातार पीने से पेट की गैस और कब्ज में आराम मिलता है।
शारीरिक कमज़ोरी : बादाम 5 गिरी, खांड (शक्कर) के साथ सुबह-शाम एक हफ्ते तक प्रयोग करने से शारीरिक कमज़ोरी के रोग में लाभ होता है। बादाम को गरम पानी में रात में भींगने दें। सुबह थोड़ी देर तक पकाकर पेय बनाकर 20 से 40 मिलीलीटर रोज पीयें इससे शारीरिक कमज़ोरी के सारे रोग खत्म हो जाते हैं।
मुंह का सौन्दर्य : होंठों पर अगर काली परत छा गई हो तो 1 बादाम और 1 केसर की पत्ती को पानी के साथ पीसकर मिश्रण तैयार कर लें। इसके मिश्रण को होंठों पर लगाकर 10 मिनट तक छोड़ दें। 10 मिनट के बाद होंठों को अंगुली से थोड़ा रगड़कर लेप उतार दें। कुछ दिन तक इसका लगातार प्रयोग करने से होंठों की काली परत मिटकर होंठों पर गुलाबी रंगत आ जाती है।Related image
कमरदर्द : बादाम के तेल की मालिश कमर पर तीन बार करने से कमर दर्द 1 सप्ताह में ठीक हो जाता है। बादाम को रात में पानी भिगों दें। सुबह कुछ देर तक पकाकर इसका पेय बना लें। इस पेय को 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में सेवन करने से स्त्रियों के कमर दर्द में लाभ होता है। यह श्वेत प्रदर में भी कमर दर्द को काफी लाभ पहुंचाता है।
बवासीर (अर्श) : 10 ग्राम बादाम, आंवला, 6-6 ग्राम हल्दी, भांग और 10 ग्राम मैदा को एक साथ पीसकर गुनगुना करके बवासीर पर बांधने से अर्श (बवासीर) रोग ठीक होता है।Image result for बादाम
बहरापन : बादाम के तेल के साथ जबाद कस्तूरी को पीसकर कान में डालने से धीरे-धीरे बहरापन दूर हो जाता है और सुनने की शक्ति भी बढ़ती है। कड़वे बादाम के तेल को गुनगुना करके रोजाना सुबह और शाम कान में बूंद-बूंद करके डालने से बहरेपन के रोग में लाभ होता है। 100 मिलीलीटर बादाम के तेल में लहसुन की 10 कलियों को डालकर पका लें। जब पकने पर लहसुन की कलियां जल जायें तो इस तेल को छानकर कान में बूंद-बूंद करके डालने से बहरापन दूर होने लगता है।Image result for बादाम
कमजोरी : पीले बादाम की मींगी, निशास्ता, कतीरा और चीनी इन्हें बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें और इसे रोजाना 10 ग्राम दूध के साथ सेवन करने से शरीर की कमजोरी मिट जाती है। बादाम की गिरी को रात को पानी में भिगो दें। उसे सुबह छीलकर मक्खन के साथ चबा-चबाकर खाने से कमजोरी दूर हो जाती है। 4 बादाम, 2 छुहारा और 8 मुनक्का को शाम को पानी में भिगो दें। सुबह छुहारे की गुठली, बादाम का छिलका और मुनक्के के बीज अलग कर दें और बाकी चीजों को बारीक पीसकर, इसमें शुद्ध घी मिलाकर रोजाना सेवन करने से कमजोरी मिट जाती है।Image result for बादाम
पित्ताशय की पथरी : 6 बादाम की गिरी, 6 मुनक्का, 4 ग्राम मगज खरबूजा, 2 छोटी इलायची और 100 ग्राम मिश्री को बारीक पीसकर आधा कप पानी में मिलाकर छान लें और इसे पित्ताशय के रोगी को दें, इससे पित्ताशय की पथरी से आराम मिलता है।
प्रदर रोग : बादाम को गाय के दूध के साथ सेवन करने से प्रदर रोग मिट जाता है। बादाम को रात में गर्म पानी में भिगो दें। सुबह इसे कुछ देर पकाकर रस बनाकर 20-40 मिलीलीटर मात्रा में सेवन करने से सफेद प्रदर और इससे पैदा हुआ कमर दर्द सही हो जाता है।
प्रसव पीड़ा : गर्भावस्था के आखिरी महीने में प्रसूता को 2 बादाम और 10-15 मुनक्का के दाने पानी में भिगोकर तथा उन्हें पीसकर खिलाना चाहिए। इससे प्रसव के समय पीड़ा नहीं होती है।Related image
मधुमेह : बादाम, कालीमिर्च की ठंडाई और शहद को एक साथ मिलाकर शीतल पेय बनाकर देने से मधुमेह के रोगी को ठंड का एहसास होता है। ध्यान रहे यह प्रयोग रोगी को ठंड अधिक पसन्द हो तो करना चाहिए।
नींद न आना (अनिद्रा) : घिया का तेल और बादाम रोगन की सिर में मालिश करने से नींद अच्छी आती है। बादाम रोगन, खसखस का तेल और काहू के तेल को मिलाकर कनपटी पर मालिश करने से नींद अच्छी तरह से आती है।Image result for बादाम
आधासीसी (माइग्रेन) अधकपारी : लगभग 10 दाने कागजी बादाम, 10 ग्राम पोस्त (खस-खस) और 5 दाने छुहारे इन सबको पानी में डालकर रख दें। सुबह इस मिश्रण को घी में डालकर हलुवे की तरह पकायें और इसमें मिश्री 100 ग्राम, 10 लौंग और 5 इलायची का चूर्ण बनाकर इसमें मिलाकर सुबह शाम देने से आधासीसी का दर्द खत्म हो जाता है।
आंत्रवृद्धि का बढ़ना : बादाम की 5 गिरी को चीनी के साथ सुबह-शाम लगातार एक हफ्ते तक खाने से आंत्रवृद्धि का बढ़ना रुक जाता है।Image result for बादाम
सिर चकराना : गर्मी के दिनों में रात को 3-4 बादाम पानी में डालकर रख दें और सुबह उठकर बादाम का छिलका उतारकर बादामों को पीसकर दूध के साथ खाने से दिमाग की कमजोरी दूर होने के साथ ही साथ सिर चकराने का रोग भी दूर हो जाता है।
त्वचा के रोग के लिए : बादाम को सिरके के साथ पीसकर पकाकर लेप बना लें और इस लेप को शरीर में जहां पर खुजली हो वहां पर लगाने से लाभ होता है।Image result for बादाम
निम्न रक्तचाप या ब्लड प्रेशर : बादाम की 3 गिरी रात को पानी में डालकर रखें और सुबह उठकर बादामों को साफ सिल पर घिसकर, चाटकर सेवन करने से निम्न रक्तचाप के रोग में बहुत लाभ होता है। अगर बादाम को घिसकर खाने में कोई परेशानी होती हो तो इसे पीसकर सेवन कर सकते हैं। रात को पानी में बादाम की 3 गिरी भिगोकर रख दें। सुबह बादाम को पीसकर 50 ग्राम मक्खन और 10 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर खाने से और उसके ऊपर से 250 मिलीलीटर दूध पीने से निम्न रक्तचाप यानी लो ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।Related image
पीलिया का रोग : 8 बादाम की गिरी, 5 छोटी इलायची और 2 छुहारों को रात में मिट्टी के बर्तन में भिगो लें और सुबह निकालकर छुहारे की गुठली, इलाइची व बादाम के छिलके फेंक दें। शेष सभी चीजों को बहुत अच्छी तरह पीस लें। इसके बाद इसे लगभग 70 ग्राम के मक्खन के साथ सेवन करने से शीघ्र ही पीलिया के रोग में लाभ होने लगता है। 8 बादाम, 5 छोटी इलायची और 2 छुहारों को रात को मिट्टी के बर्तन में भिगों दें। फिर इन सबको सुबह बारीक पीसकर इसमें 70 ग्राम मिश्री, 70 ग्राम मक्खन मिलाकर पीलिया के रोगी को चटाने से 4 दिन में ही पीलिया के रोग में लाभ होता हैImage result for बादाम
याददाश्त का कमजोर होना : जब मनुष्य की याददाश्त कमजोर हो जाती है तो उसके लिए 7 दाने बादाम के शाम को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह छिलका उतारकर बारीक पीस लें यदि रोगी की आंखें भी कमजोर हो तो 4 कालीमिर्च को भी पीसकर 250 मिलीलीटर दूध में मिलाकर दूध को 3 बार उबाल लें और नीचे उतारकर 1 चम्मच देशी घी में और दो चम्मच बूरा या चीनी मिलाकर पीने से दिमाग और बुद्धि की कमजोरी दूर हो जाती है और याददाश्त बहुत मजबूत हो जाती है। इस प्रकार का दूध 15 दिन से 40 दिन तक पीने से याददाश्त तेज हो जाती है। बादाम की गिरी को चन्दन की तरह बारीक करके या खूब चबाकर मलाई की तरह मुलायम बनाकर खाने से बादाम आसानी से पच जाता है और याददाश्त में अधिक लाभ पहुंचता है।Image result for बादाम
आंखों की रोशनी : 7 बादाम की गिरियों को शाम को भिगोकर सुबह उसका छिलका उतारकर 1-1 बादाम को सुबह खूब चबाकर खाने से और इसके ऊपर से गर्म दूध पीने से याददाश्त तो बढ़ती ही है साथ ही आंखों की रोशनी भी तेज हो जाती है।
दिमाग की कमजोरी : बादाम की 10 गिरी लेकर उसको रात को भिगोकर रख दें और सुबह इनका छिलका उतार कर लगभग 12 ग्राम मक्खन और मिश्री मिलाकर एक या दो महीने तक खाने से दिमाग की कमजोरी दूर हो जाती है और भूलने की आदत खत्म हो जाती है। लगभग 10-10 ग्राम की मात्रा में बादाम, सौंफ और मिश्री को पीसकर रात को सोते समय गर्म दूध के साथ लेने से दिमाग की कमजोरी दूर हो जाती है और इसका सेवन लगातार 40 दिन तक करना चाहिए। बादाम की गिरी और सौंफ को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, और रात को सोते समय ठंडे पानी से लेने से याददास्त बढ़ती है।Related image
शरीर को शक्तिशाली बनाना : शरीर की शक्ति को बढ़ाने के लिए बादाम की गिरी और भुने हुए चनों को छीलकर रोजाना खाना चाहिए। लगभग 4 बादाम की गिरियों को पीसकर इसमें 1-1 ग्राम की मात्रा में शहद और मिश्री को मिलाकर चाटने से मनुष्य के शरीर में ताकत बढ़ जाती है। लगभग 7 बादाम की गिरी, 7 दाने काली मिर्च के, 3 ग्राम सौंफ (गर्मियों के मौसम में सौंफ के स्थान पर सूखा हुआ साबूत धनिया) और 2 छोटी इलायची को लेकर शाम को सोते समय कांच या चीनी के बर्तन में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर व्यायाम करने के बाद बादाम और इलायची के छिलके उतार लें और काली मिर्च और सौंफ के साथ इनको पीस लें। फिर इनको बारीक पीस लें और 250 मिलीलीटर पानी में मिलाकर कपड़े से छान लें। इसके बाद इसमें 2 चम्मच शहद या मिश्री मिलाकर धीरे-धीरे पीने से दिमाग की याददाश्त मजबूत होती है और आंखों की रोशनी तेज होने के साथ-साथ शरीर की शक्ति भी बढ़ती है। बादाम की गिरी में से निकाला गया दूध पिलाना बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होता है।
कमजोर शरीर : लगभग 10 बादाम की गिरियों को शाम को पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद सुबह इनका छिलका उतार कर बारीक पीस लें। अब इन पीसे हुए बादामों में मक्खन मिलाकर कुछ महीने तक खाने से तुतलाने और हकलाने का रोग दूर हो जाता है। इसके अलावा इसका सेवन करने से कमजोर शरीर भी मजबूत बनता है।vImage result for बादाम
शरीर का बल बढाना : शाम को सोते समय लगभग 10 बादामों की गिरी को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इनका छिलका उतार कर बारीक पीस लें। अब एक कड़ाई में घी डालकर उसमें बादाम डालकर हल्की आग पर भून लें। इसके लाल होने से पहले ही लगभग 150 मिलीलीटर की मात्रा में दूध डालें। इस दूध को रोजाना सुबह हल्का गर्म करके पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है। इसके अलावा शरीर का बल भी बढ़ता है।
ऊर्जा और फुर्ती : अगर आप रोजाना दौड़ लगाते है और आपकी साँसे फूलने लगती है या आप जल्दी थक जाते है| तो आपको रोजाना बादाम का सेवन करना चाहिए| इससे आपके शरीर को काफी मात्रा में ऊर्जा और फुर्ती मिलती है|Related image
आँखों की रौशनी : बादाम में विटामिन ए भरपूर मात्रा में मौजूद होता है| इसलिए इसके रोजाना सेवन से आँखों की रौशनी बढाती है| अगर आप अपने आँखों की रौशनी बढ़ाना चाहते है तो नियमित रूप से आपको बादाम का सेवन करना चाहिए|
दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाये : यह आपके दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में काफी सहायता करता है| बादाम में भरपूर मात्रा में कैल्सियम मौजूद है| इसलिए अगर आपको हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाना है तो रोजाना बादाम का सेवन करे|Image result for बादाम
कैसे करे बादाम का सेवन

रात को 5 पीस बादाम पानी में डालकर छोड़ दे| सुबह इसे अच्छे से पीसकर एक ग्लास गर्म दूध के साथ सेवन करे|

बादाम का दूध (Almond Milk) :
बादाम का दूध पीने के अनेक फायदे हैं। क्या आप यह जानते हैं? बादाम का दूध तो आपने कभी ना कभी ज़रूर पिया ही होगा, पर इस पर इतना ज़्यादा ध्यान नही दिया होगा। ज़्यादातर लोग बादाम वाला दूध सर्दियो में पीते हैं क्योंकि उनका मानना हैं की इसे पीने से सर्दी भाग जाती हैं और शरीर में ताक़त आ जाती हैं। आपका मानना बिल्कुल सही हैं, बादाम का दूध पूरे शरीर के लिए बहुत ही अच्छा हैं। अगर आपके बच्चे सर्दियो में स्कूल जाते हैं तो उन्हे गरमा-गरम बादाम का दूध ज़रूर पिलाए। क्योंकि इससे दिमाग़ तेज़ होगा, आँखो की रोशिनी बढ़ेगी और शरीर में एनर्जी आएगी। बादाम वाला दूध पीने से स्किन हेल्दी और चमकदार बनती हैं। यदि सिर्फ़ 1 सप्ताह तक इसका सेवन कर लिया जाए तो आपको एक अलग ही ऊर्जा और ताक़त का अनुभव होगा। जानना चाहते हैं कि कैसे बनाया जाता है ये पौष्टिक आहार, आइये हम आपको बताते है बादाम का दूध बनाने और इससे होने वाले फ़ायदों के बारे में…Image result for बादाम
बादाम का दूध बनाने की विधि :
पानी को उबालिये और गैस को बंद कर दीजिए। बादामों को धोकर उबले हुए पानी में दाल दीजिये। ढक्कन देकर थोड़ा नरम होने केलिए 30 से 45 मिनटों तक रखें जिससे बादाम का छिलका आसानी से उतर जाएगा। पानी को छान लें और बादामों का छिलका उतार लें। अब तीन कप पानी और छीले हुए बादाम ब्लेंडर में डाल के पीस लें जब तक एक मुलायम मिश्रण नहीं बन जाता। अब इस मिश्रण को छान लें। दूध अलग और गूदा अलग हो जाए तो गूदे को हलके हाथ से या किसी लकड़ी की कढ़छी से दबा लें। अब गूदे को फिर से ब्लेंडर में डालें और एक कप पानी ऊपर से डाल कर मिलालें। इसे एक ग्लास में डालें और पी लें क्युंकि आपने ही तो बनाई है यह स्वादिष्ट ड्रिंक जिसे कहते हैं बादाम मिल्क। आइए जानते हैं बादाम वाला दूध पीने के क्या-क्या फायदे हैं और शरीर को क्या-क्या लाभ मिलते हैं।Image result for बादाम
बादाम वाला दूध पीने के 8 चमत्कारी फायदे :
मोटापा : बादाम का दूध आपका वजन कम करने में सहायक होगा. एक कप बादाम के दूध में 60 कैलोरी होती हैं, इसे रोज पिए और अपने वजन को कंट्रोल होते हुए देखे।
दिल या हृदय : बादाम मिल्क में बिल्कुल कोलेस्टरॉल नही होता हैं। इसमे हेल्दी फैट की मात्रा बहुत ज़्यादा होती हैं जैसे, ओमेगा फैटी एसिड। यह दिल की मजबूती के लिए बहुत ही ज़रूरी तेल होता हैं. साथ ही इसमे पोटैशियम, विटामिन-E, मैग्नीशियम और मोनो-सैचुरेटेड फैट भी पाए जाते हैं।
हड्डियाँ बनाए मजबूत : इसको पीने से बहुत सारा विटामिन-D मिलता हैं जिससे हड्डियाँ कैल्शियम को आसानी के साथ सोख लेती हैं। बादाम का दूध पीने से आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा कम हो जाता हैं। साथ ही शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती हैं।Related image
मसल्स बनाए : भले ही बादाम के दूध में प्रोटीन की मात्रा ज़्यादा ना हो लेकिन इसमे मैग्नीशियम, कॉपर और रेबोफ्लाविन जैसे न्यूट्रियेंट्स होते हैं जो शरीर की एनर्जी बढ़ाने में मदद करते हैं।
स्किन बनाए चमकदार और हेल्दी : बादाम के दूध में बहुत सारा विटामिन इ होता हैं जिसको पी कर आपकी स्किन ग्लो करने लगेगी। यह बहुत ही पावरफुल न्यूट्रियेंट होता हैं जो स्किन में मॉइस्चर भरता हैं और उसे हेल्दी बनाता हैं।Image result for बादाम
आँखो के लिए : क्योंकि बादाम मिल्क में विटामिन-A होता हैं जो आँखों को डायरेक्ट असर करता हैं। इसलिए बादाम का दूध पढ़ने वाले बच्चों को ज़रूर पिलाना चाहिए, जिससे उनको भविष्य में चश्मा नही लगेगा और जिनको लगा है उनका उतर जायेगा।
ब्लड शुगर नियंत्रण : आश्चर्य की बात यह है कि बहुत से लोगों को यह नही पता की बादाम का दूध शरीर में मीठे पर नियंत्रण रखता है जिसकी वजह से यह ब्लड शुगर संतुलित रहती है।
पेट की गैस : आपको शायद जानकारी नहीं की बादाम का दूध ना सिर्फ पेट की गैस से बल्कि पेट की और काफी बीमारीयों से छुटकारा दिलाता है।vImage result for बादाम

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