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सिर्फ 1 महीने तक पैरो के इन 2 पॉइंट को दबाने से मधुमेह भी घुटने टेक देता है, बहुत ही अद्भुत उपाय है जरूर आजमाएँ

मधुमेह (Diabetes) का एक्यूप्रेशर थेरेपी द्वारा उपचार :
आज हम आपको जो तरीका बताने जा रहे है उसे एक्यूप्रेशर थेरेपी कहा जाता है, जो आप आसानी से कोई दवां या औषिधि लिए बिना कर सकते है, यह पद्धति उन देशों में प्रचलित है जो गौतम बुद्धा के अनुयायी है जैसे जापान, कोरिया, चीन, वियतनाम आदि। यहां इसी पद्धति से बिना दवाई के उपचार करने में महारत हासिल है तभी इन देशों के लोगो की आयु ज्यादा और शरीर रोग मुक्त होता है बुढ़ापे तक इसे आप भी अपनाएँ और निरोग हो जाये। यह पद्धति थोड़ी धीमी हो सकती है लेकिन परिणाम सत प्रतिशत देती है। आज हम जो बताने जा रहे है वो अगर मधुमेह रोगी कर ले तो 1 महिने में सकारात्मक परिणाम मिलने लगेंगे। देखा जाए तो मधुमेह रोग का अभी तक कोई कारगर इलाज नहीं मिल पाया है लेकिन फिर भी चिकित्सा विज्ञान ने इस रोग को नियंत्रित रखने में महारत हासिल कर ली है।Image result for मधुमेह (Diabetes
हम जानते हैं कि शरीर को ग्लूकोज से शक्ति प्राप्त होती है इसलिए जल्दी पच जाने वाली ग्लूकोज-शर्करा का सेवन करना चाहिए जो प्राकृतिक रूप से फल , फलों के रस, शहद तथा अनाज में पाई जाती है। इन पदार्थों में लार मिलने पर शरीर में इनका सरलता से पाचन हो जाता है। यदि मधुमेह रोग को नियंत्रण में रखना हो तो प्रत्येक आहार तथा प्रवाही को कम से कम 15 बार चबाना बहुत जरूरी है। बचपन से ही भोजन को चबा-चबाकर खाने की आदत डालनी चाहिए।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह (Diabetes) का कारण :

मधुमेह का रोग शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम हो जाने के कारण होता है। हम सभी को पता है कि इन्सुलिन खून में शर्करा की मात्रा को बनाये रखता है और इन्सुलिन की मात्रा खून में कम हो जाये तो खून में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण व्यक्ति को मधुमेह रोग हो जाता है। लेकिन मधुमेह रोग केवल इन्सुलिन की कमी के कारण ही नहीं होता है बल्कि शरीर में उन अनेकों प्रकार के परिवर्तनों के कारण भी होता है जो क्लोम ग्रंथि की दोषपूर्ण क्रिया के लिए उत्तरदायी होते हैं।Image result for मधुमेह (Diabetes
जब हम शूगर और स्टार्च से युक्त विभिन्न प्रकार के भोजनों को खाते हैं तो हमारे शरीर का पाचनतन्त्र शूगर और स्टार्च को अलग-अलग करके ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता है। इसके बाद ग्लूकोज आसानी से खून में मिल जाता है। शरीर में पाये जाने वाले आमाशय के ठीक नीचे की ओर अग्नाशय नामक ग्रंथि से पैदा होने वाला इंसुलिन ग्लूकोज को रक्त के बहाव में सोखने में शरीर की मदद करता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
ग्लूकोज खून के बहाव में शामिल होकर ही शरीर की पेशियों और शरीर के कई प्रकार के अंगों की कई प्रकार की क्रियाओं को करने के लिए ईंधन उपलब्ध कराता है। इस क्रिया के बाद शूगर की बची हुई मात्रा ग्लूकोज के रूप में जिगर में जमा हो जाती है और बाद में शरीर को चलाने के लिए जब इसकी आवश्यकता पड़ती है तो यह ऊर्जा या वसा के रूप में बदल जाती है और शरीर के काम आ जाती है।
मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के शरीर में अग्न्याशय इतना इंसुलिन पैदा नहीं करता जितना खून में पाई जाने वाले ग्लूकोज के प्रयोग के लिए जरूरी होता है। कुछ क्रियाओं में तो इंसुलिन का बनना बिल्कुल ही बंद हो जाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह रोग के होने में आनुवंशिकता की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है। उम्र भी कई प्रकार से शरीर के अग्न्याशय को निष्प्रभावी करने का कारण बनती है जिसके कारण यह रोग व्यक्ति को हो जाता है। मधुमेह रोग मोटापे के कारण भी हो जाता है क्योंकि मोटा आदमी अधिक खाना खाता है जिसके कारण पाचनक्रिया में चयापचयी परिर्वतन होता है और उस मोटे व्यक्ति को मधुमेह रोग हो जाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
इस प्रकार के कई मामलों में शरीर का आकार बढ़ जाने के कारण शरीर में इंसुलिन की मांग भी बढ़ जाती है जिसके फलस्वरूप अग्न्याशय इस अधिक इंसुलिन की मात्रा को पूरी करने में असफल हो जाता है। इसके कारण शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है और मोटे व्यक्ति को मधुमेह रोग हो जाता है। जब शरीर में लिंफ ग्रन्थि बराबर रूप से काम नहीं करती तब आवश्यक मात्रा में शर्करा खून से शोषित होकर मस्तिष्क-मेरूजल में नहीं जा पाती जिसके कारण खून में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है और व्यक्ति को मधुमेह रोग हो जाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह (Diabetes) के प्रकार :
इंसुलिन निर्भर मधुमेह।
गैर-इंसुलिन निर्भर मधुमेह।
1. इंसुलिन निर्भर मधुमेह :
मधुमेह रोग व्यक्ति को तब होता है जब उसके शरीर में इंसुलिन का बनना बिल्कुल रुक जाता है। इस प्रकार का मधुमेह व्यक्ति में किशोरावस्था में होता है और बाद में यह रोग काफी उभर जाता है। अधिकतर यह रोग व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलता है और कुछ ही दिनों के अन्दर रोगी को कमजोर कर देता है।Image result for मधुमेह (Diabetes इस प्रकार के रोग से पीड़ित व्यक्ति को अधिक से अधिक प्यास लगती रहती है और पेशाब बार-बार आता रहता है। पीड़ित रोगी का वजन दिन-प्रतिदिन गिरने लगता है क्योंकि ग्लूकोज का प्रयोग या इंसुलिन को संरक्षित करने में विफल होने पर शरीर वसा के रूप में मौजूद ऊर्जा का प्रयोग करने लगता है जिसके कारण रोगी पर अनिर्णय और ऊनीदापन भी हावी हो जाता है यदि इसका जल्द ही इलाज न किया जाए तो यह अवस्था इतनी अधिक बिगड़ जाती है कि रोगी अपना होशो-हवास गंवा देता है और बेहोशी की स्थिति में चला जाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
इस रोग से पीड़ित व्यक्ति सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा कुछ खास तरह के संक्रमण का ज्यादा शिकार होता है क्योंकि शूगर की उपस्थिति में बैक्टीरिया, कवक और वायरस को ज्यादा बढ़ावा मिल जाता है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में यदि घाव , फोड़े-फुंसियां आदि हो जाये तो सामान्य व्यक्तियों की अपेक्षा उनके यह घाव, फोड़े-फुंसियां आदि देर से ठीक होते हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के पेशाब में शूगर की मात्रा बढ़ जाती है जिसकी अधिकता के कारण जननांगों में जलन और खुजली जैसी अवस्था पैदा हो जाती है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के घाव तथा चोट जल्दी भर नहीं पाते है।Image result for मधुमेह (Diabetes
2. गैर-इंसुलिन निर्भर मधुमेह :
इस रोग से पीड़ित व्यक्ति में शूगर की तेजी कुछ कम होती है क्योंकि इस अवस्था में शरीर में इंसुलिन का उत्पादन बिल्कुल रुक रुकता नहीं है जाता है जिसके कारण यह रोग व्यक्ति को हो जाता है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति की अधिकतर आयु 40 वर्ष के आस-पास होती है तथा उसका वजन भी सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा अधिक होता है। Image result for मधुमेह (Diabetesइस रोग से पीड़ित व्यक्ति को अधिक प्यास लगती है तथा बार-बार पेशाब आने लगता है। इस प्रकार के लक्षणों को उभरने में कुछ समय लगता है।
इस रोग से पीड़ित व्यक्ति में थकावट तथा सुईयां चुभने जैसा अहसास तथा आंखों से कम दिखाई देना जैसे लक्षण भी प्रकट होते हैं। यदि इस रोग से पीड़ित व्यक्ति की अवस्था काफी गंभीर हो जाए तो उसे चिकित्सक की सही सलाह लेनी चाहिए तथा उसके परामर्श के अनुसार अपना इलाज कराना चाहिए।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह (Diabetes) का कारण खानपान :
मधुमेह की दिक्कत उन लोगों को ज्यादा होती जो मेहनत बहुत कम करते हैं और अक्सर बैठे रहते हैं। खाने में ज्यादा मात्रा में दूध, दही, मांस-मछली, नए चावल, आलू, चीनी आदि का सेवन करने से शुगर या मधुमेह का रोग हो जाता है। एक्यूप्रेशर विधि से शुगर के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। शुगर के रोगी के पैरों के अंगूठे, एडी, मुंह, टांगे कमजोर पड जाती हैं।Image result for मधुमेह (Diabetes
एक्यूप्रेशर तकनीक रोगी की प्रतिरोधक क्षमता बढती है। नर्व और मसल्स स्टिमुलेटर, फेरेडिक जेनेरेटर, एक्यूजप्रेशर प्वांइट मॉर्कर, नर्व जेनरेटर और हैवी वाइब्रेटर जैसे एक्यूप्रेशर थेरेपी के उपकरण हैं। एक्यूप्रेशर चिकित्सा से शरीर में उन उर्जा केंद्रों को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जाती है जो कि किसी कारण से काम करना बंद कर देते हैं या सुस्त हो जाते हैं। एक्यूप्रेशर द्वारा मधुमेह रोगी के शुगर स्तर को कम किया जा सकता है। एक्यूप्रेशर का प्रयोग संवेदनशील त्वचा वाले रोगियों में लालिमा और चोट पहुंचा सकता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह (Diabetes) का एक्यूप्रेशर थेरेपी से उपचार :
इस चित्र के अनुसार दिए गए सूचीवेदन बिन्दु पर दबाव देने से मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति को बहुत लाभ मिलता है जिससे मधुमेह रोग जल्दी ठीक हो जाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes

इस चित्र में निश्चित प्रतिबिम्ब बिन्दु को 5-10 सेकण्ड दबाये और छोड़े यह पुनः दोहराएं
मधुमेह रोग होने में शरीर के जिन अंगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, वे हैं गुर्दे, आंते, जिगर , आमाशय और अग्न्याशय। इनकी कार्य क्षमता में कमी आने से मधुमेह की मात्रा शरीर में बढ़ जाती है इसलिए इनसे सम्बन्धित प्रतिबिम्ब केन्द्रों पर प्रेशर देने से न केवल इन अंगों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है बल्कि इस रोग को रोकने में आवश्यक मदद मिलती है। रोगी द्वारा नियमित रूप से आहार, व्यायाम तथा परहेज के साथ-साथ एक्युप्रेशर पद्धति द्वारा प्रेशर देने से मधुमेह रोग में आराम मिल जाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes

इस चित्र में निश्चित प्रतिबिम्ब बिन्दु को 5-10 सेकण्ड दबाये और छोड़े यह पुनः दोहराएं
इन चित्रों के अनुसार शरीर पर पाये जाने वाले इन प्रतिबिम्ब बिन्दुओं पर 1 महीने तक दबाव देने पर मधुमेह रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है।Image result for मधुमेह (Diabetes

इस चित्र में निश्चित प्रतिबिम्ब बिन्दु को 5-10 सेकण्ड दबाये और छोड़े यह पुनः दोहराएं
यह प्वाइंट पैर के निचले हिस्से के अंदरूनी भाग में होता है। यह प्वाइंट पिंडली (shin) की हडि्यों और टखने (ankle) की हडि्यों के उपर की चार अंगुलियों के पीछे की साइड पर होता है। इस निश्चित स्थान पर हल्के से दबाव बनाते हुए घेरा बनाकर क्लॉकवाइज हर रोज 3 मिनट तक दोनों पैरों में घुमाइए। इसे 8-12 सप्ताह तक कीजिए। इसके स्प्लीन-6(प्लीहा) प्वाइंट भी कहते हैं। इसे करने से किडनी, लीवर और प्लीहा से संबंधित विकार समाप्त होते हैं।Image result for मधुमेह (Diabetes

इस चित्र में निश्चित प्रतिबिम्ब बिन्दु को 5-10 सेकण्ड दबाये और छोड़े यह पुनः दोहराएं
यह प्वाइंट पैर के अंगूठे और उसके बगल की छोटी उंगली के बीच में होता है। इसे लीवर-3 प्रेशर भी कहते हैं। इस बिंदु को दबाकर धीरे से एंटी-क्लॉकवाइज घेरा बनाकर 3 मिनट तक प्रत्येक दिन और लगातार 8-12 सप्ताह तक कीजिए। इसको करने से आराम मिलता है और व्यक्ति तनाव में नहीं रहता ।Image result for मधुमेह (Diabetes

इस चित्र में निश्चित प्रतिबिम्ब बिन्दु को 5-10 सेकण्ड दबाये और छोड़े यह पुनः दोहराएं

यह प्वाइंट पैर के अंदरूनी हिस्से में होता है। टखने की हड्डी और स्नायुजल (Achilles-tendon) के बीच में यह प्वा्इंट होता है। इसे किडनी-3 प्वाइंट भी कहा जाता है। इस प्वाइंट का घेरा बनकार क्लॉकवाइज 3 मिनट तक हर रोज 8-12 सप्ताह तक करें। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और थकान को दूर भगाता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
यह प्वाइंट पैर के निचले हिस्से के सामने की तरफ बाहरी मेलीलस से 4 इंच उपर की तरफ होता है। इसे स्टमक-40 एक्यूप्रेशर प्वाइंट भी कहते हैं। इस प्वाइंट पर हल्का दबाव बनाते हुए क्लॉकवाइज 3 मिनट तक हर रोज घुमाइए। इसे 8-12 सप्ताह तक कीजिए। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन) और अवांछित स्राव को को बाहर निकालता है। शुगर के इलाज के लिए एक्यूप्रेशर तकनीक का सुरक्षित तरीके से प्रयोग करना चाहिए। डॉक्टर द्वारा टेनिंग लेकर रोगी आराम से अपने घर में यह तकनीकि अपना सकते हैं। एक्यूप्रेशर की तकनीक के जरिए 1 महीने में मधुमेह पर काबू पाया जा सकता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह (Diabetes) में आवश्यक निर्देश :
मधुमेह से पीड़ित रोगी को चीनी मिला हुआ दूध नहीं पीना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो दूध में थोड़ी सी हल्दी डालकर पीने से दूध में स्वाद आ जाता है। हल्दी मिला दूध पीने से रोगी का खून शुद्ध हो जाता और त्वचा में भी ताजगी रहती है।
इस रोग में रोगी को शक्कर तथा मिठाई का सेवन बिल्कुल कम कर देना चाहिए।Image result for मधुमेह (Diabetes
दो भिंडियों को बीच में से चीरकर आधा गिलास पानी में शाम को भिगो दें और सुबह के समय में उन्हें मसलकर पानी में घोलकर काढ़ा बना लें। इस चिकने पानी को खाली पेट पिएं और इसके बाद कुछ समय तक कुछ न खाए-पिए। यदि रोगी को बार-बार सर्दी हो जाए तो इस पानी को लोहे की कड़ाही में छोंककर पिएं। इसके साथ-साथ एक्यूप्रशर चिकित्सा करने से बहुत लाभ मिलता है।
आम के 5-10 पत्तों को आधे घंटे तक पानी में भिगोकर रखें। कुछ समय बाद इसका रस निकालकर रोगी को 25 से 35 दिन तक पिलाने से मधुमेह रोग में बहुत लाभ मिलता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए अपने भोजन पर नियंत्रण रखना बहुत ही आवश्यक है अर्थात उसे ऐसे पदार्थों को नहीं खाना चाहिए जिससे शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ती है जैसे- आलू, आम, चीनी, चावल , दूध, दूध की मिठाइयां, तली-भुनी वस्तुएं, चाय, कॉफी तथा शराब आदि।
मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति को रोजाना सुबह तथा शाम के समय में हल्का व्यायाम करना चाहिए। इसके साथ-साथ रोगी को एक्यूप्रेशर चिकित्सा द्वारा इलाज कराते रहने से भी बहुत अधिक लाभ मिलता है।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पैदल चलना-फिरना चाहिए।
मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति को उठते-बैठते तथा सोते समय सावधानी बरतनी चाहिए तथा हमेशा सीधे बैठने, सोने एवं उठने की आदत डालनी चाहिए।
रोगी को अपने भोजन में करेले तथा जामुन का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए।
करेले का जूस पीने से मधुमेह रोग से पीड़ित रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति को भिण्डी तथा धनिये का भोजन में उचित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।Image result for मधुमेह (Diabetes
मधुमेह रोग के रोगी को तुलसी का प्रयोग भी अपने भोजन में करना चाहिए। तुलसी इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए रामबाण औषधि की तरह काम करती है।
विनम्र अपील : प्रिय दोस्तों यदि आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो या आप आयुर्वेद को इन्टरनेट पर पोपुलर बनाना चाहते हो तो इसे नीचे दिए बटनों द्वारा Like और Share जरुर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें हो सकता है आपके किसी मित्र या किसी रिश्तेदार को इसकी जरुरत हो और यदि किसी को इस उपचार से मदद मिलती है तो आप को धन्यवाद जरुर देगा।Image result for मधुमेह (Diabetes

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