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जिसके एक आदेश पर पीएम मोदी पहुंच जाते हैं उनके द्वार, मिलिए इस शख्स से

महाराष्ट्र में इन दिनों पुलिस की मुश्किलें बढ़ी हुईं हैं, क्योंकि 85 साल के एक बुजुर्ग ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पुलिस के अंदर इस बात का खौफ समा गया है कि अगर ये बुजुर्ग नहीं माना तो प्रदेश में आलाधिकारियों समेत पुलिस विभाग में तबादलों और निलंबन की बाढ़ आ जाएगी। क्योंकि सभी उसकी ताकत और रुतबे से वाकिफ हैं जी हां हम बात कर रहे हैं संभाजी भिडे गुरुजी की। जिनका आदेश प्रदेश के सीएम देवेंद्र फणनवीस ही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी भी मानते हैं। ऐसे में डर ये है कि अगर संभाजी ने एक शिकायत पीएम या सीएम को भेज दी तो कितने विकेट गिरेंगे कोई अंदाजा नहीं है।

पीएम से लेकर सीएम तक मानते हैं आदेश

सबसे पहले ये तस्वीर देखिए  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा ये दुबला-पतला बुजुर्ग दिखने में तो आम आदमी है, लेकिन इन्हें कम मत समझिए. इनका रुतबा ऐसा है कि प्रधानमंत्री से कर महाराष्ट्र के सीएम तक इनका ऑर्डर मानते हैं. इस बुजुर्ग का नाम है संभाजी भिडे गुरुजी, जो महाराष्ट्र के सांगली जिले से आते हैं. पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा आरोपी की हत्या कर शव जलाने के मामले में उग्र प्रदर्शन करने के बाद वे हाल ही में सुर्खियों में छाए हुए हैं।

कौन हैं संभाजी भिडे गुरुजी

बता दें कि गुरूजी के नाम से मशहूर संभाजी पुणे यूनिवर्सिटी से एमएससी एटॉमिक साइंस में गोल्ड मेडलिस्ट हैं. इसके अलावा वे मशहूर फर्ग्युसन कॉलेज में फिजिक्स के प्रोफेसर रह चुके हैं. शिवाजी महाराज को अपना आदर्श मानने वाले गुरुजी को महाराष्ट्र में लोगों का जबरदस्त समर्थन है. लोकसभा चुनाव के दौरान जब मोदी सांगली आए थे तो सुरक्षा घेरा तोड़कर भिडे गुरुजी से मिले थे. यही नहीं, रैली में मोदी ने तो यह तक कहा था कि, “मैं भिडे गुरुजी के बुलावे पर नहीं आया हूं. बल्कि उनका ऑर्डर मानकर सांगली आया हूं.”शिव प्रतिष्ठान संस्था चलाने वाले भिडे गुरूजी का रुतबा मोदी तक ही सीमित नहीं है. एक बार तो महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने उनसे मिलने के लिए अपना प्लेन तक रुकवा दिया था.

बिना चप्पल और साइकिल से चलते हैं संभाजी

साइकिल पर चलने वाले भिडे गुरुजी की उम्र 85 के पार है इसके बावजूद वो आज भी तंदरूस्त हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि वो पैरों में चप्पल तक नहीं पहनते हैं. बीते दिनों विश्राम बाग पुलिस थाने में अनिकेत कोथले की थर्ड डिग्री टॉर्चर से मौत हो गई, लेकिन पुलिस ने मामला दबाने के लिए उसकी बॉडी 100 किमी दूर आंबा घाट में ले जाकर जला दी। बाद में पुलिस ने आरोपी के कस्टडी से भागने की झूठी कहानी रची। परिजनों ने आरोपी की मौत कस्टडी में होने का दावा किया था। इसके बाद जांच करने पर एक पुलिस इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसवालों को सस्पेंड किया था। वहीं इंस्पेक्टर युवराज कामटे को गिरफ्तार किया था।

पीएम, सीएम और गृहमंत्री से करुंगा शिकायतः संभाजी भिडे

पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा लूट के कथित आरोपी की हत्या के बाद उसकी बॉडी जलाने के मामले के विरोध में सांगली में उग्र आंदोलन किया गया। इसी दौरान शिव प्रतिष्ठान के संभाजी भिडे गुरूजी ने पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि पुलिस थाने सरकार मान्य गुंडों के अड्डे बने हुए हैं। वहीं उन्होंने बताया कि वे दोषी पुलिसवालों को सजा मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मुलाकात करने वाले हैं।

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